* कारोबार में लाभ और नौकरी में प्रमोशन दिलाती हैं।
मिट्टी के बर्तन में जौ के बीज बोएं और नवमी तक प्रति दिन पानी का छिड़काव करें।
* ऐसी बीमारियां जिनका इलाज संभव नहीं है, वह भी काली की पूजा से समाप्त हो जाती हैं।
यह समय साधक को आध्यात्मिक शक्ति और आत्मविश्वास प्रदान करता है।
काली : ऊँ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं दक्षिण कालिके क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं स्वाहा:।
गुप्त नवरात्रि में घट स्थापना और पूजन विधि
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ॐ नमो काली कंकाली महाकाली मुख सुन्दर जिह्वा वाली,
अखंड दीपक जलाएं और नौ दिनों तक जलने दें।
गुप्त नवरात्रि में करें ये साधना, जो चाहोगे वो मिलेगा
साधक को मनोवांछित सिद्धियां और फल प्राप्त होते हैं।
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कमला : ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:।
कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते लगाएं।
छिन्नमस्ता : श्रीं ह्रीं क्लीं more info ऐं वज्रवैरोचनीयै हूं हूं फट् स्वाहा:।